CGPSC-मुख्य परीक्षा 2020 के लिए कल्याणकारी, विकासात्मक कार्यक्रम एवं कानून(पेपर-7, पार्ट-1) 12 मई का उत्तर|

CGPSC-मुख्य परीक्षा 2020 के लिए कल्याणकारी, विकासात्मक कार्यक्रम एवं कानून(पेपर-7, पार्ट-1) 12 मई का उत्तर


उत्तर 1- ऐसे सभी अधिकार जो व्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और गरिमा पूर्ण जीवन से जुड़ी हो जो एक मानव होंने के नाते उनके प्राकृतिक अधिकार है जिसे भारतीय संविधान के भाग -III व भाग-IV में मूल अधिकार और मूल कर्तव्य के रूप में प्रदान किया गया है तथा जिन्हें संयुक्त राष्ट्र मानव अधिकार घोषणा पत्र में भी सार्वजनिक किया गया है, मानव अधिकार है।


उत्तर2-मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 सम्पूर्ण देश मे 28 सितंबर 1993 को लागू हुआ। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य मानव अधिकारों का संरक्षण करना, उनको प्रोत्साहन करना तथा राष्ट्रीय और राज्य मानव अधिकार आयोग का गठन करना है साथ ही मानव अधिकारों के उल्लंघन पर उचित न्याय प्रदान करने के लिए प्रत्येक जिले में एक उचित न्यायालय की स्थापना करना है।


उत्तर-3 मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम1993 के धारा 12 के अधीन आयोग निम्नलिखित कार्यो का निष्पादन कर सकेगा-
1) किसी व्यक्ति द्वारा या उसकी ओर से अन्य व्यक्ति द्वारा या न्यायालय के आदेश पर उसके द्वारा प्रस्तुत अर्जी पर मानव अधिकारों का उल्लंघन या दुष्प्रेषण की जांच करना।
2) किसी न्यायालय के समक्ष लंबित कार्यवाही में जिसमे मानव अधिकारों के उल्लंघन का कोई अभिकथन अंतर्वलित हो, उस न्यायालय के अनुमोदन से हस्तक्षेप करना।
3) किस राज्य सरकार के अधीन किसी जेल या अन्य संस्थाओं जिसमे व्यक्ति उपचार, सुधार या संरक्षण के उद्देश्य से दाखिल किए गए हो, वहाँ के निवासियों के जीवन परिस्थितियों का अध्ययन करना, निरीक्षण करना और सरकार को परामर्श देना।
4) मानव अधिकार से सम्बंधित राष्ट्रीय संधियों तथा अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों का अध्ययन करना।
5) मानव अधिकार के क्षेत्र में अनुसंधान करना तथा उसका संवर्धन करना।
6) समाज के विभिन्न वर्गों के बीच मानव अधिकार संबंधित जानकारी प्रसार करना।
7) विभिन्न प्रकाशनों, संचार विचार माध्यमों, गोष्ठियों तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों जे माध्यम से मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक करना।
8) मानव अधिकारों के क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संगठन तथा संस्था के प्रयासों को उत्साहित करना।
9) ऐसे अन्य कार्य जो मानव अधिकार के संरक्षण के लिए आवश्यक हो।


उत्तर 4- मानव अधिकारों के उल्लंघन से उत्पन्न अपराधों पर शीघ्र विचार करने के लिए उपबन्ध करने के उद्देश्य से राज्य सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यामूर्ति के सहमति से अधिसूचना द्वारा प्रत्येक जिले के किसी सेशन न्यायालय को मानव अधिकार न्यायालय के रूप में विनिर्दिष्ट कर सकेगी।


उत्तर 5 -मानव अधिकार संरक्षण संशोधन अधिनियम 2018 की विशेषतायें-
1) आयोग के सदस्य के रूप में राष्ट्रीय बल संरक्षण आयोग को भी सम्मिलित किया गया।
2) आयोग के गठन में एक महिला सदस्य को जोड़ने में प्रस्ताव है।
3) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्षो की योग्यता और चयन का दायरा बढ़ाने का प्रस्ताव है।
4) आयोग के सदस्यों के कार्यकाल में संशोधन का प्रावधान है।
5) केंद्र शासित राज्यों में अधिकारों में उल्लंघन पर अलग व्यवस्था का प्रावधान है।
इस संशोधन से भारत मे मानव अधिकार संस्थाओं को मजबूती मिलेगी तथा अपने दायित्व और भूमिका को कारगर तरीके से निष्पादन कर सकेंगे।


उत्तर 6-मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम के अधीन राज्यो को प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करने तथा सौंपे गए कार्यो के अनुपालन हेतु छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग का गठन 16 अप्रैल 2001 को किया गया।
यह आयोग स्वायत्तशासी है तथा वह अपने सदस्यों की नियुक्ति, कार्यकाल आदि का निर्धारण स्वयं करती है।


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