Chhattisgarh History Notes in Hindi: CGPSC Prelims और Mains दोनों में छत्तीसगढ़ का इतिहास (CG History) एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इस पोस्ट में हम प्राचीन काल से लेकर आधुनिक काल तक का सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ का इतिहास हिंदी में विस्तार से पढ़ेंगे।
Contents
- छत्तीसगढ़ के इतिहास का काल-विभाजन
- प्राचीन काल — छत्तीसगढ़ का इतिहास
- 1. प्रागैतिहासिक काल
- 2. मौर्य काल (321–185 ई.पू.)
- 3. सातवाहन काल (1ली–3री शताब्दी)
- 4. शरभपुरीय वंश (5वीं–6वीं शताब्दी)
- 5. पाण्डुवंश (5वीं–8वीं शताब्दी)
- 6. नल वंश (5वीं–9वीं शताब्दी)
- मध्यकालीन काल
- 7. कल्चुरी वंश (9वीं–18वीं शताब्दी) — सबसे महत्वपूर्ण
- 8. बस्तर का काकतीय (चालुक्य) वंश
- 9. मराठा शासन (1741–1818)
- आधुनिक काल — ब्रिटिश शासन और स्वतंत्रता संग्राम
- 10. ब्रिटिश शासन (1818–1947)
- 11. छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी विद्रोह
- 12. वीर नारायण सिंह — छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद
- 13. राष्ट्रीय आंदोलन में CG की भूमिका
- 14. छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण (2000)
- CGPSC हेतु महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
- निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के इतिहास का काल-विभाजन
| काल | समय अवधि | प्रमुख राजवंश / घटना |
|---|---|---|
| प्राचीन काल | ईसा पूर्व से 9वीं शताब्दी | मौर्य, सातवाहन, नल, शरभपुरीय, पाण्डुवंश |
| मध्यकालीन काल | 9वीं से 18वीं शताब्दी | कल्चुरी वंश, नागवंश, मराठा शासन |
| आधुनिक काल | 1818 से 2000 तक | ब्रिटिश शासन, स्वतंत्रता संग्राम, राज्य निर्माण |
प्राचीन काल — छत्तीसगढ़ का इतिहास
1. प्रागैतिहासिक काल
- रायगढ़ जिले में सिंघनपुर की गुफाएँ — शैलचित्र (Rock Paintings) — पाषाण काल के प्रमाण
- कबरा पहाड़ (रायगढ़) — प्राचीन शैलचित्रों के लिए प्रसिद्ध
- रायपुर के पास चितवा डोंगरी — मेसोलिथिक काल के अवशेष
2. मौर्य काल (321–185 ई.पू.)
- सम्राट अशोक के शिलालेख — सरगुजा के रामगढ़ पहाड़ी पर मिले हैं
- रामगढ़ की गुफा — भारत का सबसे प्राचीन नाट्यशाला (Ambika Gufa)
- बौद्ध धर्म का प्रभाव — सिरपुर में बौद्ध विहार के प्रमाण
3. सातवाहन काल (1ली–3री शताब्दी)
- दक्षिण कोशल (वर्तमान छत्तीसगढ़) पर सातवाहनों का प्रभाव
- व्यापार मार्ग — दक्खन से उत्तर भारत को जोड़ता था CG
4. शरभपुरीय वंश (5वीं–6वीं शताब्दी)
- राजधानी: शरभपुर (वर्तमान सरभपुर, बलौदाबाजार)
- प्रमुख शासक: शरभराज, नरेंद्र, प्रसन्नमात्र
- वैष्णव धर्म के प्रबल समर्थक
5. पाण्डुवंश (5वीं–8वीं शताब्दी)
- राजधानी: सिरपुर (श्रीपुर) — महासमुंद जिला
- प्रमुख शासक: महाशिवगुप्त बालार्जुन — सबसे प्रतापी
- सिरपुर में लक्ष्मण मंदिर (ईंटों से बना — 7वीं शताब्दी)
- चीनी यात्री ह्वेनसांग ने 639 ई. में सिरपुर की यात्रा की
- बौद्ध, जैन और हिंदू तीनों धर्मों का केंद्र
6. नल वंश (5वीं–9वीं शताब्दी)
- बस्तर क्षेत्र में शासन — राजधानी पुष्करी
- प्रमुख शासक: विलासतुंग — राजिम में राजीव लोचन मंदिर का निर्माण
- राजिम — छत्तीसगढ़ का प्रयाग (महानदी, सोंढुर, पैरी का संगम)
मध्यकालीन काल
7. कल्चुरी वंश (9वीं–18वीं शताब्दी) — सबसे महत्वपूर्ण
⭐ CGPSC में सर्वाधिक प्रश्न कल्चुरी वंश से आते हैं।
- कल्चुरी वंश ने छत्तीसगढ़ पर 700 वर्षों से अधिक शासन किया
- राजधानी: रतनपुर (बिलासपुर जिला) — “रतनपुर की नींव” कल्याण साय ने रखी
- प्रमुख शासक:
- कलिंगराज — कल्चुरी वंश का संस्थापक (छत्तीसगढ़ में)
- रत्नराज — रतनपुर नगर बसाया
- पृथ्वीदेव I — कल्चुरी वंश का सबसे शक्तिशाली शासक
- जाजल्लदेव I — कोरिया, सरगुजा तक विस्तार
- कल्चुरी संवत — कल्चुरियों ने अपना अलग संवत चलाया (248-249 ई.)
- रतनपुर में महामाया मंदिर — कल्चुरी काल की महत्वपूर्ण धरोहर
- “छत्तीसगढ़” नाम — कल्चुरी काल में 36 किले (गढ़) थे — इसीलिए नाम पड़ा
8. बस्तर का काकतीय (चालुक्य) वंश
- बस्तर में काकतीय वंश का लंबा शासन
- संस्थापक: अन्नमदेव (1324 ई.) — वारंगल (तेलंगाना) से आए
- बस्तर के दशहरे की शुरुआत काकतीय राजाओं ने की
- राजधानी: जगदलपुर
- प्रसिद्ध शासक: प्रवीर चंद्र भंज देव (आधुनिक काल)
9. मराठा शासन (1741–1818)
- 1741 में भोंसले वंश (नागपुर) ने छत्तीसगढ़ पर अधिकार किया
- प्रथम मराठा सूबेदार: भास्कर पंत
- मराठों ने रायपुर को प्रशासनिक केंद्र बनाया
- मराठा काल में छत्तीसगढ़ में अराजकता और आर्थिक शोषण बढ़ा
- 1818 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने मराठों से CG लिया
आधुनिक काल — ब्रिटिश शासन और स्वतंत्रता संग्राम
10. ब्रिटिश शासन (1818–1947)
- 1818 — छत्तीसगढ़ ब्रिटिश अधीन, रायपुर मुख्यालय
- प्रथम ब्रिटिश Superintendent: कैप्टन एडमंड (1818)
- 1854 में नागपुर Province में शामिल
- 1862 — मध्य प्रांत (Central Provinces) का हिस्सा बना
11. छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी विद्रोह
| विद्रोह | वर्ष | नेता | क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| हलबा विद्रोह | 1774–1779 | अजमेर सिंह | बस्तर |
| परलकोट विद्रोह | 1825 | गेंद सिंह | बस्तर (अबूझमाड़) |
| तारापुर विद्रोह | 1842–1854 | दलगंजन सिंह | बस्तर |
| मेरिया विद्रोह | 1842 | हिड़मा माझी | बस्तर |
| कोई विद्रोह (1856) | 1856 | – | रायपुर, बिलासपुर |
| बस्तर विद्रोह (भूमकाल) | 1910 | गुंडाधुर | बस्तर |
12. वीर नारायण सिंह — छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद
- वीर नारायण सिंह — सोनाखान (बलौदाबाजार) के जमींदार
- 1856 में अकाल के दौरान व्यापारियों के गोदाम से अनाज लेकर गरीबों को बाँटा
- 1857 के विद्रोह में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष
- 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जय स्तंभ चौक पर फाँसी दी गई
- छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता सेनानी माने जाते हैं
13. राष्ट्रीय आंदोलन में CG की भूमिका
- 1920 — गांधीजी का रायपुर दौरा — असहयोग आंदोलन का प्रभाव
- पंडित सुंदरलाल शर्मा — CG के गांधी, अस्पृश्यता निवारण का काम
- 1922 — कंडेल नहर सत्याग्रह — छत्तीसगढ़ का पहला किसान आंदोलन (रुद्री, धमतरी)
- नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन — CG में भी सक्रिय भागीदारी
- ठाकुर प्यारेलाल सिंह — CG के श्रमिक आंदोलन के जनक
14. छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण (2000)
- मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 द्वारा CG अलग राज्य बना
- 1 नवंबर 2000 — छत्तीसगढ़ का गठन (भारत का 26वाँ राज्य)
- प्रथम राज्यपाल: दिनेश नंदन सहाय
- प्रथम मुख्यमंत्री: अजीत जोगी
- CG अलग राज्य की माँग 1924 (रायपुर कांग्रेस अधिवेशन) से थी
CGPSC हेतु महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
- सिरपुर की यात्रा किस चीनी यात्री ने की थी?
उत्तर: ह्वेनसांग (639 ई.) - रतनपुर नगर किसने बसाया?
उत्तर: रत्नराज (कल्चुरी वंश) - कल्चुरी वंश ने कितने वर्षों तक छत्तीसगढ़ पर शासन किया?
उत्तर: लगभग 700 वर्ष - भूमकाल विद्रोह (1910) का नेतृत्व किसने किया?
उत्तर: गुंडाधुर (धुरवा जनजाति, बस्तर) - कंडेल नहर सत्याग्रह कब और कहाँ हुआ?
उत्तर: 1922, रुद्री-कंडेल (धमतरी) — छत्तीसगढ़ का पहला किसान आंदोलन - वीर नारायण सिंह को फाँसी कहाँ दी गई?
उत्तर: रायपुर के जय स्तंभ चौक पर (10 दिसंबर 1857) - बस्तर में काकतीय वंश की स्थापना किसने की?
उत्तर: अन्नमदेव (1324 ई.) - “CG के गांधी” किसे कहा जाता है?
उत्तर: पंडित सुंदरलाल शर्मा - छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री कौन थे?
उत्तर: अजीत जोगी (1 नवंबर 2000) - परलकोट विद्रोह (1825) का नेता कौन था?
उत्तर: गेंद सिंह
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ का इतिहास CGPSC Prelims और Mains दोनों में बहुत महत्वपूर्ण है। कल्चुरी वंश, वीर नारायण सिंह, भूमकाल विद्रोह और कंडेल नहर सत्याग्रह से सर्वाधिक प्रश्न आते हैं। इन्हें अच्छी तरह याद करें।
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