CGPSC 2016 RESULT
- छत्तीसगढ़ राज्य लोकसेवा आयोग (CGPSC) द्वारा राज्य सेवा परीक्षा 2016 का आयोजन किया गया था(CGPSC 2017), जिसका परिणाम जारी कर दिया गया है.
- इस परीक्षा में अर्चना पाण्डेय ने टॉप किया हैं, वही दूसरे स्थान पर दिव्या वैष्णव रही. प्रथम स्थान पाने वाली अर्चना पांडेय को 1500 में से 937.5 अंक प्राप्त हुए है. टॉप-10 में 5 लड़कियों का चयन हुआ हैं, वही सबसे ख़ास बात यह है कि, पहले चार स्थान पर लड़कियों ने बाजी मारी है.
- लडको में प्रथम स्थान पर देवेंद्र कुमार प्रधान हैं, जिन्हें 889.5 अंक प्राप्त हुए है.
- 28 दिसंबर को शाम पांच बजे तक इंटरव्यू आयोजित किया गया. इसके बाद अगले चार घंटे में परिणाम घोषित कर दिया गया.
- डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी समेत राज्य के विभिन्न 18 विभागों के 293 पदों के लिए यह परीक्षा आयोजित की थी.
परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले टॉप-10 उम्मीदवारों की सूची…
अर्चना पांडेय को 937.5, दिव्या वैष्णव को 927, सुमित्रा प्रधान को 919, दीप्ति वर्मा को 905.5, देवेंद्र कुमार प्रधान को 889.5, सौरभ उइके को 897.5, चेतन साहू को 895, पायल गुप्ता को 894.5, विकास खन्ना को 890.5 और भूपेंद्र सिंह को 888 अंक प्राप्त हुए है.
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CGPSC 2016 रैंक 1 – अर्चना पाण्डेय
प्रारभिक परीक्षा
| सामान्य अध्ययन | — |
| CSAT | — |
मुख्य परीक्षा
| S.NO. | प्रश्न पत्र संख्या | प्रश्न पत्र का नाम | कुल अंक | प्राप्तांक | |
| 1. | I | भाषा | 200 | 135 | |
| 2. | II | निबंध | 200 | 124 | |
| 3. | III | इतिहास, संविधान एवं लोक प्रशासन | 200 | 111.5 | |
| 4. | IV | विज्ञान, प्रौद्यौगिकी एवं पर्यावरण | 200 | 93.5 | |
| 5. | V | अर्थव्यवस्था एवं भूगोल | 200 | 108 | |
| 6. | VI | गणित एवं तार्किक योग्यता | 200 | 150.5 | |
| 7. | VII | दर्शन एवं समाजशास्त्र | 200 | 121 | |
| साक्षात्कार/व्यक्तित्व परीक्षण | 94 | ||||
| कुल अंक | 937.5 | ||||
प्रारंभिक शिक्षा डोंगरगढ़ के सरस्वती शिशु मंदिर में
राजनांदगांव की अर्चना ने पीएससी में थर्ड अटेंप्ट में टॉप -टेन में आने में कामयाब हुई। पिता सुरेश कुमार बताते हैं कि अर्चना शुरू से ही काफी मेधावी रही और पूरे परिवार को अर्चना की इस सफलता का यकीन था। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक शिक्षा डोंगरगढ़ के सरस्वती शिशु मंदिर में ग्रहण करने के बाद अर्चना ने राजनांदगांव में कॉलेज की पढ़ाई की। इसके बाद उसने बिलासपुर में पीएससी की कोचिंग वर्ष 2014 से शुरू की।
लगातार मिलती रही सफलता
अर्चना ने सबसे पहले व्यवसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की परीक्षा दी जिसमें उसका चयन रेवेन्यू इंस्पेक्टर (आरआई) के लिए हुआ। इसके बाद उसने पीएससी की परीक्षा दी। पहली बार पीएससी में उसे सहायक लेखा अधिकारी का पद मिला। इससे भी संतुष्ट न होकर दूसरी बार पीएससी का सामना किया। यहां सहायक परियोजना अधिकारी का पद अर्चना को मिला। जिला पंचायत बालोद में इस पद पर काम करते हुए अर्चना ने फिर मेहनत की और उसने टॉप कर लिया।
तीन बेटियां, तीनों हुनरमंद
पिता सुरेश कुमार और माता ममता बताती हैं कि उनकी तीन बेटियां हैं और तीनों हुनरमंद हैं। बड़ी बेटी अर्चना ने अभी सफलता के झंडे गाड़े ही हैं, उससे छोटी लवली एम कॉम की पढ़ाई पूरी करने के बाद अभी चार्टेड एकाउंटेट (सीए) की तैयारी कर रही है। सबसे छोटी गोल्डी शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। माता ममता पांडे कहती हैं कि उनकी बेटियों ने उनका सिर ऊंचा कर दिया है।


