उत्तर- समाजशास्त्र और मनोविज्ञान में गहरा संबंध है। जहाँ मनोविज्ञान में हम व्यक्ति की बुद्धि, स्मृति, ध्यान, भय, आशा, स्वभाव आदि का अध्ययन करते है, किन्तु ये सभी मानसिक तत्व मनुष्य के सामाजिक व्यवहारों या अंतर्क्रियाओ से उत्पन्न होती है। हम बिना मनोवैज्ञानिक आधार के सामाजिक व्यवहारों को नही समझ सकते।
इन संबंधो के बावजूद इनमे कुछ अंतर भी है। जैसें मनोवैज्ञानिक का विषयवस्तु मनुष्य होता है वही समाजशास्त्र का समाज या समूह।मनुष्य का प्रत्येक व्यवहार उनकी मानसिक उपज है जबकि सामाजिक संबंधों का आधार सामाजिक संबंध और अंतर्क्रिया है।
Q3 समाजशास्त्र व मनोविज्ञान में सम्बन्ध लिखये।(60शब्द)
Leave a Comment
Leave a Comment


